गाँव की अपनी पहचान होती है, जँहा से संस्कृति, सभ्यता व रिश्तों पहचान होती है!

#ग्राम_विस्तार

गाँव की अपनी पहचान होती है, जँहा से संस्कृति, सभ्यता व रिश्तों पहचान होती है!

आज गाँव भी शहरों के साथ साथ प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है, आज प्रत्येक गाँव उन्नति कर रहा है, वह भी आधुनिक हो रहा है, नए ज़माने के रंग में वह भी रंग रहा है,किन्तु आज भी वह रिश्तों को निभा कर सभ्यता के साथ संस्कृति को संजो रहा है!

आज शहरों की सीमा से लगे गाँव में सभी प्राथमिक सुविधाए उपलब्ध है किन्तु दुर्दराज गाँव में मूलभूत सुविधाओं का आभाव आसानी से देखा जा सकता है,ऐसा नहीं की इस ओर प्रयत्न नहीं हो रहें, शासन के साथ साथ कई स्वयंसेवी संस्थाए  इन पिछड़े वर्गों के लिए नियमित कार्य कर रही!

#garam_vistar ऐसे ही ग्रामों की जानकारीयों के साथ सभी विकसित गाँवो की वस्तुस्थति से आमखास जन तक पंहुचा कर उनके जीवन यापन की प्रत्येक वस्तुस्थति से अवगत करवाएगा!

आपकी रूचि भी इस ओर हो तो आपभी हमारे साथ होकर vistarsamachar.com प्लेटफार्म पर मिल सकतें हैँ, हमारे साथ हो इनके प्रगति के लिए संयुक्त रूप से कार्य कर सकतें है!

#विस्तार_समाचार
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