Nag Panchami Katha: क्यों मनाया जाता है नाग पंचमी का त्योहार?.
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Nag Panchami Katha: क्यों मनाया जाता है नाग पंचमी का त्योहार?.
Nag Panchami 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण मास के शु्क्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। यह दिन नाग देवता की पूजा के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पौराणिक काल से सर्प देवताओं की पूजन की परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि नाग की पूजा करने से सांपों के कारण होने वाला किसी भी प्रकार का भय खत्म हो जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नाग पंचमी के दिन नाग देवताओं की आराधना करने से जातकों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है!
सर्प को सदा आपने शिवजी या विष्णुजी के साथ देखा होगा, अर्थात पालनहार मृत्युसंहार दोनों ही जगह सर्प ईश्वर के साथ मौजूद है,तब तो सर्प सदा ही पूजनीय है!
पहले समय में भारत पूर्णतः कृषि पर निर्भर था,उस समय चारों ओर जंगल खेत व छोटे छोटे कस्बे हुआ करते थे! अर्थात उस समय जंगली जानवर ज्यादा तादात में सभी जगह मिला करते थे, जिसमें शेर,चिता,बन्दर,हाथी,सर्प, मगरमच्छ आदि प्राणी जानलेवा होते थे, उनसे रक्षा के लिए ही हम इंसानों ने उन्हें ईश्वर के साथ जोड़ उनकी वंदना कर पूजनीय बनादिया! कितने भी खुंखार जानवर हो पर सबमें जीव (आत्मा) होता ही है, इसी वजह से पेटभरा (संत्रप्त) होने पर वह इंसानों पर दया कर उन्हें छोड़ देते थे, जो मनुष्य उस घटना से बच जाता था, वह उसका परिवार ओर सभी कुटुंभी उस जीव को पूजनीय बना उसकी प्रतिकृति की स्थापना कर स्थान दें दिया करते थे!
हमें पता है सांप को न दूध पसंद न पैसा, न पकवान पसंद न चढ़ावा फिर भी हम उस रीती को निभा रहें जो हमारे पूर्वजों ने हमारे हित में बनाएँ है! आज दौर विपरीत होगया, आज उन बेज़ुबान जीव से हमें खतरा नही, हम से उन बेज़ुबान को खतरा है, हम जैसे जैसे विकसित हो रहें वैसे वैसे यह जीव अपना अस्तित्व खो रहें! आज तो हम अपना मन मीठा कर अपने वजूद पर इठला रहें किन्तु हम उस ईश्वर के जीवन चक्र को भूल गए जिसमें प्रत्येक जीव का अपना एक अलग महत्व है, इस संसार को सबकी जरुरत है, जरुरत है धुप की तो छाव का भी महत्व है!
आज इस तरह के त्यौहार भले ही इन जीवों का सीधे भला नही कर रहें,किन्तु इनके अस्तित्व के लिए ऐसी जीव पूजा एक वरदान है!
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