रामजन्म भूमि तीर्थ न्यास द्वारा अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा आयोजन.


धर्म संस्कृति

रामजन्म भूमि तीर्थ न्यास द्वारा अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा आयोजन के विषय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मालवा प्रांत के माननीय संघचालक डॉ. प्रकाश जी शास्त्री एवं विश्व हिन्दू परिषद के प्रान्त मंत्री श्री विनोद शर्मा ने जानकारी दी, आपने बताया की

श्री रामजन्म भूमि मंदिर के लिये 500 वर्ष तक सतत चला संघर्ष , वास्तव में हमारी संस्कृति की अक्षुण्णता का  ध्योतक रहा है.

स्वतंत्रता के बाद हुआ श्री राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन भारत की अस्मिता और पहचान का संघर्ष था। श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा भारतीय स्वाभिमान एवं गौरव की पुनर्स्थापना  है। यह राममंदिर से राष्ट्रमंदिर के अप्रतिम भाव का प्रतीक भी है। जन-जन के मन में प्रभु श्रीराम के प्रति जो आस्था है , उसके प्रकटीकरण का चरम इस अवसर पर दृष्टिगत हो रहा है। समाज में भी अपने अपने मनोभाव से इस अवसर पर विशिष्ट भावों का प्रकटीकरण विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से होगा। इन्ही विषय को लेकर मालवा प्रान्त के 12 हजार से अधिक गांवों तथा 8 हजार से अधिक नगरीय मोहल्लों में हजारों टोलियां घर-घर संपर्क करेंगी। दो हजार से अधिक समयदानी कार्यकर्ता दस दिन के लिए अपने घर से दूर गाँव मोहल्ले में रहकर इस अभियान की टोलियों का गठन करेंगे।  हर तहसील में सामाजिक  सद्भाव बैठक होंगी। हिन्दू समाज की सभी जाति-समाज के बंधूभगिनी एक जाजम पर बैठ कर जनजागरण की योजना बनायेंगे।
हर घर पर भगवा हर मुख से रामधुन , इसे लेकर नगर नगर समाजजन आयोजन करेंगे।

अपने मालवा प्रांत से लगभग 100 से अधिक संत अयोध्या जी में होने वाले आयोजन में सम्मिलित होंगे ।
इन्दौर में सेवा भारती द्वारा मेरी बस्ती -मेरी अयोध्या के अंतर्गत बस्तियों को राम-मय करने की योजना रहेगी ।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र मालवा निमाड़ का समस्त समाज जनों से आग्रह है कि आगामी पौष शुक्ल द्वादशी विक्रम संवत 2080 सोमवार दिनांक 22 जनवरी 2024 के शुभ दिन जब प्रभु श्री राम के बाल रूप नूतन विग्रह को,श्री राम जन्मभूमि पर बना रहे नवीन मंदिर भूतल के गर्भ ग्रह में विराजित करके प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी , तब वैसा ही आनंद व उत्सव का वातावरण घर घर में भी अनुभूत हो। इस अवसर पर अयोध्या में अभूतपूर्व आनंद का वातावरण होगा।
सभी रामभक्तों से आग्रह है कि -
~ अपने मोहल्ले ग्राम में मकर संक्रांति से आरंभ करते हुए प्रतिदिन प्रभात फेरी निकले।
~ प्राण प्रतिष्ठा के दिन प्रातः घर के द्वार पर रंगोली व वंदनवार से सजावट करें।
 ~ अयोध्या में जिस समय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव प्रातः 11 से दोपहर 1:00 चल रहा होगा , उसी समय अपने ग्राम मोहल्ले कॉलोनी में स्थित किसी भी मंदिर में आस पड़ोस के राम भक्तों को एकत्रित करके भजन कीर्तन करें।
~अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का टेलीविजन चैनलों से सीधा प्रसारण होगा। टेलीविजन अथवा एलईडी स्क्रीन लगाकर सामूहिक रूप से समाज को दिखाएं।
~ मंदिर में स्थित देवी देवता का भजन कीर्तन आरती पूजा तथा विजय महामंत्र "श्री राम जय राम जय जय राम" का 108 बार सामूहिक जाप करें व इसके साथ हनुमान चालीसा सुंदरकांड राम रक्षा स्त्रोत आदि का सामूहिक पाठ भी कर सकते हैं। शंख ध्वनि, घंटा नाद, आरती करें, प्रसाद वितरण करें ,सभी देवी देवता प्रसन्न होंगे ,वातावरण सर्वत्र सात्विक एवं राममाय  हो जाएगा।

 ~प्राण प्रतिष्ठा के दिन सायंकाल सूर्यास्त के बाद अपने घर के सामने दीपक जलाएं ,दीपमालिक सजाये,विश्व के करोड़ों घरों में दीपोत्सव मनाया जाएगा।

समस्त भारतवासियों से निवेदन है की प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत प्रभु श्री रामलाल तथा नवनिर्मित मंदिर के दर्शन हेतु अपने अनुकूल समय अनुसार अयोध्या जी में परिवार सहित पधारें व श्री राम जी की कृपा प्राप्त करें।

।।श्री राम जन्मभूमि मंदिर का विवरण।।

* मंदिर परंपरागत नगर शैली में निर्मित है।
* मंदिर की लंबाई (पूर्व पश्चिम ) में 380 फीट,चौड़ाई 250 फीट एवं ऊंचाई 161 फिट है।
* तीन मंजिला मंदिर की प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट कल 152 में खंबे 44 दरवाजे हैं।
* भूतल गर्भागृह में प्रभु श्री राम के बाल रूप स्थापित होगा और श्री राम लाल का विग्रह प्रथम तल पर गर्भ में श्री राम दरबार होगा।
* कुल पांच मंडप होंगे नृत्य मंडप रंग मंडप गूढ मंडप (सभा मंडप) प्रार्थना मंडप कीर्तन मंडप होंगे।
* खंबे,दीवारों में देवी देवता तथा देवांगनाओं की मूर्तियां होगी।
* प्रवेश पूर्व से, 32 सीढ़ियां (ऊंचाई 16.5 फीट ) चढ़कर सिंहद्वार होगा।
* दिव्यांगजन तथा वृद्धो के लिए रैंप एवं लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी।
* चारों ओर आयताकार परकोटा (प्राकार ) लंबाई 732 मीटर, चौड़ाई 4.25 मीटर, परकोटा के चारों कोनों पर चार मंदिर भगवान - सूर्य,शंकर, गणपति, देवी भगवती परकोटे की दक्षिणी भुजा में हनुमान एवं उत्तरी भुजा में अन्नपूर्णा माता का मंदिर होगा।
* मंदिर के समीप पौराणिक काल का सीता कूप होगा।
* श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में प्रस्तावित अन्य मंदिर- महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ,महर्षि विश्वामित्र,महर्षि अगस्त्य,निषादराज गुह, माता शबरी एवं देवी अहिल्या के होंगे।
* दक्षिणी-पश्चिमी भाग में नवरत्न कुबेर टीले पर स्थित शिव मंदिर का जीर्णोद्धार  एवं राम भक्त जटायु राज प्रतिमा की स्थापना होगी।

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