केंद्र ने जमाखोरी रोकने और कीमतों पर नियंत्रण के लिए गेहूं की स्टॉक सीमा घटाई.
केंद्र ने जमाखोरी रोकने और कीमतों पर नियंत्रण के लिए गेहूं की स्टॉक सीमा घटाई.
केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के मुताबिक गेहूं का प्रसंस्करण करने वालीं कंपनी चालू वित्त वर्ष 2023-24 के बाकी महीनों के अनुपात में मासिक स्थापित क्षमता का 70 फीसदी रख सकती हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं के कृत्रिम अभाव की स्थिति को रोकने और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए ऐसा किया गया है। संशोधित स्टॉक सीमा तत्काल प्रभाव से लागू होगी। व्यापारियों को अपना स्टॉक संशोधित सीमा तक कम करने के लिए 30 दिन का वक्त दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि खाद्य मंत्रालय ने 12 जून को अनाज कारोबारियों पर मार्च 2024 तक स्टॉक रखने की सीमा तय की थी। इसके बाद 14 सितंबर को इस सीमा को घटाकर व्यापारियों एवं थोक विक्रेताओं और उनके सभी डिपो में बड़े खुदरा विक्रेताओं के लिए दो हजार टन कर दिया था। वहीं, सरकार ने मई 2022 से ही गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके साथ मुक्त बाजार बिक्री योजना के तहत थोक उपयोगकर्ताओं को रियायती दर पर गेहूं बेचा जा रहा है।