आचार संहिता के बाद पहली जनसुनवाई.
आचार संहिता के बाद पहली जनसुनवाई.
इंदौर: विधानसभा चुनाव के बाद आज फिर से जनसुनवाई शुरू हुई शहर के समस्त शासकीय कार्यालय में अधिकारियों ने आज जनता दरबार लगाया और शिकायतकर्ताओं की शिकायत सुनी । यहां बता दे प्रति मंगलवार आयोजित होने वाली जनसुनवाई को आचार संहिता के चलते प्रतिबंधित किया गया था जिसे आज से शुरू किया गया।
अब प्रति मंगलवार जनसुनवाई लगातार आयोजित की जाएगी और शिकायतकर्ताओं की शिकायत सुनकर उनके समस्याओं का निराकरण किया जाएगा । इसे के तहत आज कलेक्टर कार्यलय में कलेक्टर जनसुनवाई मैं अधिकारों ने शिकायत करताओ की शिकायत सुनी हालांकि जनसुनवाई की सूचना नहीं होने के कारण कलेक्टर कार्यालय पर शिकायतकर्ताओं की भीड़ देखने को नहीं मिली
जहां जनसुनवाई में कमी लोग पहुंचे थे जो लोग जनसुनवाई में पहुंचे थे उनमें अधिकतर मामले पुलिस संबंधित होने के कारण पुलिस विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया जिसमें किराया द्वारा द्वारा कब्जा और आपसी पारिवारिक विवाद न्यायालय में चल रहे प्रकरणों की संबंध में जनसुनवाई में पहुंचे थे
इनमें से एक मामला सामना आया जिसमें
एक बुजुर्ग दंपत्ति मकान पर कब्ज़ा करने की शिकायत लेकर इंदौर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। मकान मालिक शीला पति कैलाश लश्करी द्वारा बताया गया कि विजय नगर क्षेत्र स्थित स्किम न. 54 में मालिकाना हक का मकान है। जिसे सितारा बी नामक महिला को 11 माह का एग्रीमेंट कर 8 हजार रुपये प्रतिमाह पर मकान किराए पर दिया गया था। एग्रीमेंट पूरा होने के बाद सितारा बी को मकान खाली करने के लिए कहा गया था। लेकिन वह कब्ज़ा करने की नियत से मकान खाली नहीं कर रही है। जिसकी शिकायत पूर्व में विजयनगर थाना को की गई। लेकिन पुलिस द्वारा कोई उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसकी शिकायत लेकर महिला जनसुनवाई में पहुंची थी। मामले की सुनवाई कर एसडीएम ने बुजुर्ग दंपत्ति का मकान सितारा बी से खाली कराए जाने की कार्रवाई का आश्वासन दिया
मानसिंग राजावत, करनी सेना
वही इस पूरे मामले में करनी सेना के पदाधिकारी मानसिंग राजावत ने बताया कि 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला अपने मकान पर मुस्लिम महिला द्वारा कब्जा करने के मामले में मदद के लिए आई थी। जिसकी मदद के लिए कब्जा किये गए घर पर सितारा बी से बात करने गए तो सितारा बी ने आँख में मिर्च फेकने की कोशिश की ओर झूठे केस में फसाने की धमकी देने लगी। जिसके बाद बुजुर्ग दंपति को न्याय दिलाने के लिए कलेक्टर ऑफिस में जनसुनवाई में लाए हैं।
टिफिन सेंटर संचालित करने वाली स्वप्ना जैन ने कलेक्टर को बताया कि मैं जीवन यापन के लिये टिफिन सेंटर के साथ ही बच्चों को घर-घर जाकर पढ़ाती हूँ। मैं जन्म से ही दिव्यांग हूँ
दरसल स्वप्न जैन इंदौर कलेक्टर से अपने लिए स्कूटी की मांग करने आई थी लेकिन उन्हें यकीन नहीं था कि कलेक्टर के पास आते ही स्कूटी मिल जाएगी जब कलेक्टर इलैया राजा टी ने स्वप्ना जैन से बात की तो उन्होंने बताया कि उनकी मैरिज एक सामान्य लड़के से हुई है और वह स्वयं दिव्यांग है स्वप्ना जैन ने बताया कि किसी कारणवश प्रोत्साहन राशि नहीं मिली थी तो तुरंत कलेक्टर ने बड़वानी कलेक्टर से बात कर में हैं स्वप्न जैन को प्रोत्साहन राशि के लिए मिलने वाले 2 लाख की राशि का भी जल्द भुगतान करने की बात कही तो स्वप्न जैन खिलखिला कर हंस पड़ी और उन्होंने कलेक्टर को धन्यवाद दिया साथ ही मीडिया से चर्चा के दौरान सपना जैन ने बताया कि उन्हें यकीन नहीं था कि इस तरह से मैं अपने स्वरोजगार के लिए स्कूटी की मांग करने आऊंगी और मेरे रोजगार को बढ़ाने के लिए मुझे अतिरिक्त रूप से जो की बड़वानी जिले के कलेक्टर द्वारा प्रोत्साहन राशि किसी कारणवश नहीं मिल पाई थी वह राशि भी मिल जाएगी जिससे हम लोग सह परिवार अच्छा व्यापार कर घर चला पाएंगे दरसल
करोना काल में स्वप्न जैन के पारिवारिक स्थिति काफी खराब हो गई थी वही पति का बिजनेस भी ठप हो गया था लेकिन कलेक्टर से मिलने के बाद एक बार फिर टिफिन सेंटर चलाने वाली और बच्चों को पढ़ाई कर अपना घर परिवार पालने वाली स्वप्न जैन का बिजनेस बढ़ाने का सपना पूरा होगा
कलेक्टर की एक पहल से आज इनका परिवार सुखी और समृद्ध हो जाएगा क्योंकि जहां सपना जैन को स्कूटी मिलेगी वहीं व्यापार को बढ़ाने के लिए अब इन लोगों की बची हुई प्रोत्साहन राशि से व्यापार भी अच्छा कर पाएंगे
इंदौर शैलेन्द्र कश्यप