युवा टोली ने जनसुनवाई में ग्राम समस्याओं की पोटली खोली.- कमदपुर, महू
युवा टोली ने जनसुनवाई में ग्राम समस्याओं की पोटली खोली.- कमदपुर, महू
इंदौर : आज मंगलवार जनसुनवाई में ग्राम कमदपुर, महू के ग्रामवासी पहुँचे कलेक्टर कार्यालय इंदौर ओर कलेक्टर से लगादी शिकायतों की बौछार! ग्रामवासियो ने तत्कालीन सरपंच, ग्राम सचिव व ग्राम सहायक की खुल कर निंदा कर उनका भ्रष्टाचारी चेहरा सरकार के सामने रख कर अपनी समस्या एवं मांगे रखी, जिस पर अधिकारियो द्वारा उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया! उनके द्वारा कहाँ गया की जल्द ही पंचायत द्वारा कार्य न करने एवं भ्रष्टाचार सम्बंधित शिकायतों का स्पष्टीकरण मांग जांच कर उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही कर उचित दंड दिया जावेजा!
ग्राम कमदपुर के युवाओं द्वारा आज जनसुनवाई में अपनी युवा आवाज़ को बुलंद कर अधिकारीयों के सामने निडरता निष्पक्षता से अपनी बात रखी, उनके द्वारा बताया गया की हम सभी मित्रबंधु बड़े ही कामकाजी है, शहर के युवाओं से हमारी जिंदगी बहुत ही अलग थलग है, हम सुबह तीन चार बजे से दूध दोहन के साथ उठते, सारा दिन खेतोँ की देखरेख करतें, देर रात घर पहुँचते! घर पहुँचने पर परिवार की शिकायतें तो दूर, संपूर्ण ग्राम की शिकायतें बड़ी व विकट होती जारही, हमारी मूलभूत सुविधाएं हम तक नहीं पहुँच रही! हमारे बड़े बुजुर्ग व परिवार द्वारा समय समय पर सरपंच, सचिव व ग्राम सहायक से अपनी समस्याओं से अवगत करवाया पर नतीजा सिफ़र रहा! ग्राम में विकास के नाम पर खुल्ला भ्रष्टाचार किया जा रहा है, कुछ दबंग व राजनैतिक शख्शियत का बोलबाला है, आमजन की सुनवाई नहीं होती,जिसकी शिकायत हमने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद महू व जिला पंचायत, इंदौर से भी की! साथ ही सम्बंधित विभागों के आलाधिकारीयों से भी शिकायत की गई, किंतु कोई निर्णय नहीं निकला, इन सब के द्वारा आँखे मुंद हमारे ग्राम को गरत में डाला जा रहा! यह सब हम वर्षों से सहन कर रहें, किंतु अब सहा नहीं जाता इसलिए हमने मिकर जनसुनवाई कलेक्टर इंदौर के समक्ष पहुँचे है, यंहा करीबन साठ किलोमीटर आने से लगा कर जाने तक का खर्चा हम सब वहन करेंगे, वाहन, चाय नाश्ता भोजन आदि! कलेक्टर कार्यालय में भी बहार से आए व्यक्तियों के लिए कोई उचित सेवा नहीं है, हमनें हमारी बारी आने तक कलेक्टर परिसर के गार्डन में समय व्यतित किया, वह तो शुक्र है ईश्वर का आज वर्षा नहीं हुई, नहीं तो काफ़ी परेशानी होती! पर इन समस्याओ से बड़ी हमारे गाँव की समस्याएं है!
समस्याओ का विषय कुछ इस प्रकार है की महोदय हमनें क्रमबध तरीक़े से अंकित किया है :-
1. स्वच्छ भारत अभियान के तहत पंचायत द्वारा कई बार पैसे निकाले जा चुके है किन्तु ग्राम मे स्वच्छता बिल्कुल नहीं है ग्राम को दी गई कचरा गाड़ी जिसकी किश्त प्रतिमाह पंचायत के खाते से दी जा रही है वो गाड़ी केवल एक महिना ही ग्राम मे चलाई गई वो भी मतदान के समय |
2. ग्राम मे सार्वजनिक शौचालय न होने के कारण मुख्य चौराहे पर लोगों को खुले मे मूत्रत्याग करना पड रहा है और वही मुख्य चौराहे से स्कूल के छात्र छत्रए गुजरते है|
3. तालाब की पाल पर कचरे का अंबार लग चुका है जो मच्छर और बदबू पैदा कर रहा है जिससे डेंगू जैसी भयावह बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है |
4. ग्राम मे स्ट्रीट लाइट लगवाई गई किन्तु वे बंद पड़ी है एवं ग्राम से 500 मीटर दूरस्थ मंदिर जाने हेतु भी वहाँ किसी प्रकार की लाइट आदि नहीं है जिससे मंदिर जाने वाली महिलाओ के साथ गलत होने का खतरा है |
5. ग्राम मे शासकीय भूमि पर्याप्त है किन्तु युवाओ एवं बच्चों हेतु खेल मैदान नहीं है इसके लिए भी सभी कार्यालयों मे कई बार आवेदन दिए जा चुके है किन्तु कोई कार्यवाही नहीं होती |
6. ग्राम मे कई लोग ऐसे है जिनकी मृत्यु को 1 साल से भी अधिक समय हो चुका है किन्तु न तो उनकी पत्नियों की विधवा पेंशन चालू हुई है और न ही मृतको की संबल की राशि प्राप्त हुई है |
7. मनरेगा योजना के तहत डाले जाने वाले पैसों की उचित जांच होना आवश्यक है | क्यूंकी जिन्हे मनरेगा के पैसे मिल रहे है उनमे से केवल 20 से 30 प्रतिशत ही मजदूर है बाकी सभी सक्षम लोग है जिनके खातों मे पैसे डलवा कर उनसे ले लिए जाते है |
8. पंचायत द्वारा लगाए गए बिलों मे आधे बिल बढ़ा चढ़ा कर लिखे जाते है एवं वेंडर से ऊपर का पैसा ले लिया जाता है |
9. आवास योजना हेतु जो लिस्ट जारी की गई थी पिछले 5 सालों मे उसमे से 40 प्रतिशत घरों का काम भी नहीं हुआ है इसकी भी उचित जांच करवाए |
10. ग्राम के चारों ओर कचरे के ढेर हो रहे है जिससे बीमारियाँ बढ़ने का खतरा है और साफ सफाई हेतु जिन कर्मचारियों को पंचायत द्वारा पैसे डाले जाते है वे केवल पंचायत की ही सफाई करते है इसके अतिरिक्त ग्राम के सार्वजनिक चौराहों पर भी सफाई नहीं करते चाहे कितनी भी गंदगी हो|
11. कमदपुर से चैनपुरा पहुच मार्ग जो हनुमान मंदिर के पास से जाता है वहाँ ऐसे 2 बड़े गड्ढे है जिनमे कई राहगीरों के गिरने की समस्या आई है क्यूंकी पानी भर जाने के बाद गड्ढा कितना गहरा है ये किसी को नहीं पता चलता |
12. ग्रामसेवक पंचायत मे कभी आता ही नहीं न ही किसी योजना के बारे मे ग्रामवासियों को बताता है एवं 181 पर हुई शिकायतों को पंचायत मे शिकायत करने वाले के नाम नंबर सहित बता दिया जाता है जिस कारण से पंचायत उनसे बहला फुसला कर शिकायत वापस करवा लेती है |
13. पंचायत कार्यालय के खुलने एवं बंद होने का कोई उचित समय नहीं है लोग काम करवाने के लिए परेशान होते है की पंचायत कब खुलेगी |
14. जांच हेतु जो भी टीम पंचायत मे आवे वे ग्रामवासियों से भी पूछे की क्या ये काम हाल ही मे हुए है या पहले से है और क्या कमी है ?