सपनों का घर इतिहास की धरती पर.इतिहास तो बरकरार रहता है नहीं रहता वह होता, सपनों में घर.
सपनों का घर इतिहास की धरती पर.इतिहास तो बरकरार रहता है नहीं रहता वह होता है, सपनों में घर.
इंदौर : अपना शताब्दी वर्ष बना रही प्राचीन ऐतिहासिक सैनिक छावनी एम.ओ.जी. लाइन्स को मिटाने का सपना देखने वाली तीर्थ गोपिकान लि. बिल्डर कम्पनी ने सपनों का आशियाना aahleerth homes तैयार किया है, जो शुरूआती दौर से गैरकानूनी तरीके से कार्य कर अपने पैर जमाने में लगा हुआ, जो सपने देखने व दिखाने में माहिर जान पड़ता है! राजनैतिक गलियारों से ज़मीनी डाकूओं भुमाफियाओं की टीम तैयार कर यह भारतीय इतिहास के जाँबाज सैनिकों से मुकाबला करने को आतुर हुआ है, जिस भूमि को यह अपनी पपोती मान चारों ओर मनमानी करने पर उतारू हुआ, उसकी ज़रासी भी हक्कीकत पता होती तो यह ऐसी बेहूदा बेतुकी हरगिज नहीं करता! गुजराती पैसा, केंद्रीय योजना, स्थानीय पंगू प्रशासन, सुलेमानी नुसकों से भरे अपने थैले को लाद यह ऐसा बावला हुआ खा मरू की डूब मरू नहीं करता!
इत्मीनान से बात करें तो हम पाएंगे की पैसा लगाने वाली जमीन ख़रीदी करने वाली पार्टी है गुजरात की पटेल ब्रदर्स, जो सीधे केंद्रीय अपने आका शाह के सम्पर्क में है, जिसे केंद्रीय योजना का रूप दे माँ अहिल्या की पावन धरा पर भेजा गया! मूर्तरूप देने का बीड़ा दिया गया अपने ज़माने की चर्चित महिला महापौर को जिन्होंने आय एम सी को कॉपरेटिव रूप दे कम्पनी का करोड़ों आईपीयू निकाल चारों ओर नगर निगम की दादागिरी को जमा कर भारी तहलका मचा दिया! पिली गेंग के नाम से कुख्यात प्रशासनिक अमला नित नए भ्रष्टाचार मामलों में संलिप्त पाया जाने लगा ओर आज भी सीना ठोख भ्रष्टाचार के मामलों में सबसे आगे है! इसी भ्रष्ट डिपार्टमेंट ने अपनी शक्ति का गलत फ़ायदा उठा इस क्षेत्र को नर्क बना दिया! विगत दो तीन वर्षो से यंहा मात्र तोड़फोड़ ही चल रही है, जिसके मन में जो आता है वह वैसा करता है इस क्षेत्र के साथ, कोई भी नेता (महापौर, विधायक, पार्षद) अपना मुँह दिखाने की हिम्मत नहीं करता यहाँ तक की छूटभैयन नेता भी क्या पता किस खोपचे में जा छुपे! इसी का यह प्रमाण सामने आया की आय.एम.सी. के अदने से कर्मचारी ने सर्वप्रथम ऐतिहासिक स्कूल मंजुलाश्रम को जड़ो से मिटा दिया, फ़िर चुन चुन कर तोड़फोड़ मचा यंहा लगा पुराना लोहा, काली मजबूत लकड़ी व उसके खिड़की दरवाज़े मजबूत पत्थरों की सिल्ली आदि प्राचीन सामानो को ओनेपोने दाम में एक दो तीन कर दिया, इंदौर क्षेत्र के चारों ओर का मलवा, कचरा, गंदगी यंहा लाकर बिखेर दी जिसका पल पल का प्रमाण स्थानीय रहवासियों के पास मौजूद है!
इतना ही नहीं गैर जिम्मेराना कार्यवाही कर प्रामाणिक लाइन्स को निशाना बना वंहा के सीधेसाधे सैनिक परिवारों को जलील कर अपने ही घर से बेघर कर दिया जिसका परिणाम सबसे घातक यह हुआ की एक परिवार ने अपना ज़िगर का टुकड़ा अपना लाल ख़ो दिया! यंहा उनकी अपनी ऐतिहासिक भूमि पर वह सर्वसुविधाओं के साथ वर्षो से रहते आए थे, जंहा सभी ओर अपने परिवार ही बसा करते थे, आवाज़ एक देते थे हुंकार दस आया करती, सामने पांच छः खड़े दिखाई देते थे! अब आय एम सी स्मार्टसिटी की बदौलत उन सैनिक परिवारों को ऐसी जगह अस्थायी तौर पर स्थानांतरण कर स्थायी आशियाना बना दिया गया, जो इंदौर शहर से सुदूर बिना किसी आवागमन, शैक्षणिक, चिकित्सकीय, किराना सुविधाओं के आभावग्रस्त बंजर क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया, जिसके कारण ही परिवार का एक सदस्य भगवान को प्यारा हो गया!
आज एक ओर जानिमानी न्यायिक पालिका उच्चन्यायालय में स्थानीय प्रकरण क्रमांक 525/16 चल रहा है! जिसके चलते स्टे की कार्यवाही के बाद भी धार्मिक चोला ओड़े तीर्थ बिल्डकॉन लि. अपने गैरकानूनी कार्य को अंजाम दे रहा, इतना ही नहीं बेखौफ़ अपने अमान्यता प्राप्त प्रोजेक्ट को लांच कर भोलिभाली जनता को मुर्ख बना रहा, जबकि उक्त भूमि विवादित हो कोर्ट में जिसका केस चल रहा है, सैनिक परिवार को स्टे प्राप्त है, ओर आपको कोर्ट ने सख्त हिदायत दे रखी है की किसी भी प्रकार का कार्य आप न करें! फ़िर भी आप बिना रुके लगातार कार्य कर कोर्ट की अवमानना कर रहे, हैरत वंहा होती है की स्थानीय शहरी प्रशासन आपको स्पोर्ट कर क़ानून का मज़ाक उड़ा रहा! किन्तु आज नहीं तो कल ऐसे गैरकानूनी कृत्य का अंजाम भुगतना ही होगा! स्वयं सपनों से जाग दुसरो को भी सपनों से मुक्त करना होगा!