रतलाम जिले में नगर सीमा से सटे गांवों में धड़ल्ले से कट रहीं अवैध कॉलोनियां, 154 में से मात्र 80 ही वैध.

रतलाम : रतलाम जिले के जावरा क्षेत्र में नगरपालिका सीमा से सटी ग्राम पंचायतों में फिर से अवैध कॉलोनियां कटने लगी हैं। पहले नगरपालिका निवेश क्षेत्र (5 किमी दायरे में) में अवैध कॉलोनी कटRatlam News: रतलाम जिले में नगर सीमा से सटे गांवों में धड़ल्ले से कट रहीं अवैध कॉलोनियां, 154 में से मात्र 80 ही वैध
  
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Ratlam News: रतलाम जिले के जावरा क्षेत्र में नगरपालिका सीमा से सटी ग्राम पंचायतों में फिर से अवैध कॉलोनियां कटने लगी हैं। पहले नगरपालिका निवेश क्षेत्र (5 किमी दायरे में) में अवैध कॉलोनी कटती थी तो नपा अधिकारियों को नोटिस देने के अधिकार थे। अब नपा सीमा से बाहर अफसर हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। वहां पंचायत, जनपद, तहसीलदार और एसडीएम जिम्मेदार हैं।

यदि कोई अवैध कॉलोनी कटे तो इन्हें रोकना है लेकिन ये ध्यान नहीं दे रहे। यही कारण है कि अवैध कॉलोनियों के रूप में खेतों में रोड के लिए मुरम डालकर प्लॉट बेचे जा रहे हैं। ग्राम भीमाखेड़ी में ऐसी ही अवैध कॉलोनी को लेकर डॉ. समी मिर्जा ने शिकायत की तो कलेक्टर राजेश बाथम जांच के निर्देश दिए। तब जाकर प्रशासन जांच शुरू की है। ने ने

मप्र शासन ने 13 जनवरी 2022 को शहरी और ग्रामीण कॉलोनियों को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें नगरीय क्षेत्र के कॉलोनी एक्ट का नाम मप्र नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 किया गया। इसमें स्पष्ट है कि नपा सीमा के भीतर ये नियम लागू होंगे। यानी जो नपा परिसीमन अनुसार नगर सीमा घोषित है, वहीं नपा सीएमओ जिम्मेदार होंगे।
चूंकि शहर सीमा में इतनी भूमि नहीं कि वहां नई कॉलोनी काटी जा सके। नपा के अनुसार अभी 12 कॉलोनियों के काम चल रहे हैं जो रेरा व अन्य नियमों के तहत विकसित हो रही है। इसलिए अवैध कॉलोनियों के लिए अब शहर सीमा से सटे ग्रामीण इलाकों में भू-माफिया सक्रिय हो गए। नियम के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में यदि कॉलोनी काटना है तो इसके लिए अलग से लाइसेंस लेना होगा और रेरा के साथ कलेक्टर-जिला पंचायत से विकास अनुमति लेकर ही कॉलोनी विकसित कर सकते है। चूंकि नपा ग्रामीण सीमा में हस्तक्षेप नहीं कर सकती और पंचायतें ध्यान नहीं देतीं। इसीलिए अवैध कॉलोनियां फिर से अस्तित्व में आ रही हैं।

जावरा में 154 कॉलोनियां, इनमें से सिर्फ 80 वैध और नियमित

नपा सीमा में अभी 154 कॉलोनियां हैं। इनमें से 39 वैध व नपा में हैंडओवर है। दिसंबर 2016 तक अस्तित्व में आई 41 अवैध कॉलोनियों को शिवराज सरकार ने नियमित नाम देकर वैध किया। दिसंबर 2022 की स्थिति वाली 23 अवैध कॉलोनियों को भी इसी तरह नियमित करने के प्रस्ताव भेजे लेकिन कुछ नहीं हुआ। वे अवैध ही है। 39 कॉलोनियां विधिवत कटी गई से लेकिन डेवलपमेंट अधूरा होने हैंडओवर नहीं हुई, जो अवैध अविकसित की श्रेणी में है। 12 नई कॉलोनियां डेवलप हो रही, जिनके लिए अनुमतियां ली हैं। जबकि भीमाखेड़ी, लालाखेड़ा, बोरदा, भूतेड़ा-सेजावता, भूतेड़ा-सेजावता, लुहारी, बामनखेड़ी पंचायत सीमा क्षेत्रों में कई अवैध कॉलोनियां कट रही हैं।

शिकायत के बाद जांच हुई शुरू 

रतलाम जिले का जावरा क्षेत्र में भीमाखेड़ी में अवैध कॉलोनी की शिकायत के बाद कलेक्टर से मिले निर्देशानुसार तहसीलदार, पटवारी, पंचायत स्तर से जांच करवा रहे हैं। प्रतिवेदन कलेक्टोरेट भेजेंगे। बाकी जगह ऐसी अवैध कॉलोनियां नहीं कटे, ये सुनिश्चित करने व निगरानी के लिए जनपद सीईओ और तहसीलदार के माध्यम से पटवारी, पंचायत सचिव को निर्देशित करेंगे।

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