मप्र के इन 30 रुटों पर चलेंगी ई-बसें, बनाए जाएंगे चार्जिंग स्टेशन, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया ऐलान.

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के द्वारा जल्द ही सीएनजी लो फ्लोर बसों को बेड़े से बाहर किया जाएगा और उम्मीद है कि जल्द ही इलेक्ट्रिक बेसन का संचालन शुरू हो जाएगा। सामने यह जानकारी के अनुसार भोपाल शहर के आसपास मौजूद मुख्य पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए टूरिस्ट सर्किट प्लान तैयार किया जा रहा है।

इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होने से प्रदूषण नहीं होगा इसके साथ ही साथ किराया भी कम होगा। शहर के मुख्य बस स्टैंड आईएसबीटी से टूरिस्ट इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा।

ये बसें केरवा, कलियासोत डैम, कोलार डैम, सलकनपुर, रातापानी, भोजपुर, भीमबेटका, उदयगिरि की गुफा, हताईखेड़ा डैम जैसे प्रमुख स्थलों को कवर करेंगी।

 एक तरफ इन बसों के संचालन से यातायात सुविधाजनक होगा वहीं दूसरी तरफ बसों के चलने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जल्दी इसका संचालन शुरू होने की उम्मीद है।

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड का दावा है कि इससे शहर के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। नगरीय निकाय प्रशासन विभाग के जरिए यह प्रस्ताव कैबिनेट अप्रूवल के लिए भेज दिया गया है।

देश के पहले कैपिटल टाइगर रिजर्व को आम जनता से जोड़ने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह सेवा शुरू की जा रही है। जैसे ही पीएम ई-बस की खेप भोपाल पहुंचेगी, वैसे ही बीसीएलएल इन नए रूट्स पर संचालन शुरू कर देगा।

वर्तमान में छह रूट पर केवल 110 बसें चला रही है, लेकिन नई बसों के आने के बाद रूट्स की संख्या बढ़ाकर 30 करने की योजना है। ई-बसों के आने से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो अधिकारियों का कहना है कि डिपो का चयन किया जा चुका है। 15 से 20 दिन में चार्जिंग स्टेशन तैयार हो जाएंगे।


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