यूक्रेन में शांति चाहते हो तो... पुतिन ने युद्ध विराम के लिए सामने रखी तीन डिमांड.

यूक्रेन में शांति चाहते हो तो... पुतिन ने युद्ध विराम के लिए सामने रखी तीन डिमांड, जेलेंस्की के उड़े होश

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में युद्धविराम के लिए तीन प्रमुख शर्तों को सार्वजनिक किया है। इसमें यूक्रेन की नाटो से किनारा करने, डोनबास को सौंपने.

मॉस्को: यूक्रेन में शांति की संभावनाओं के बीच रूस ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को सार्वजनिक किया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन से मांग की है कि वह पूर्वी डोनबास क्षेत्र को छोड़ दे, नाटो में शामिल होने की महत्वाकांक्षाओं को त्याग दे, तटस्थ रहे और पश्चिमी सैनिकों को देश से बाहर रखे। पुतिन की यह डिमांड तब आई है, जब कुछ दिन पहले ही उन्होंने अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ चार साल से ज्यादा समय बाद पहली रूस-अमेरिका शिखर वार्ता के लिए मुलाकात की थी। तीन घंटे से ज्यादा समय तक चली इस वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने इस पर भी चर्चा की थी कि यूक्रेन पर समझौता कैसे हो सकता है।
मुलाकात के बाद ट्रंप के साथ प्रेस को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि यह बैठक यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करेगी। हालांकि, रूस और अमेरिका में से किसी ने भी इस बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी है कि पुतिन और ट्रंप के बीच क्या चर्चा हुई थी। माना जा रहा है कि इस सम्मेलन के दौरान पुतिन ने अपनी मांगों का एक विस्तृत सूची अमेरिका को सौंपी थी। इसमें सबसे प्रमुख यूक्रेन को नाटो में न शामिल करना था। हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि पुतिन की शर्तों में से कई पर अमेरिका ने पहले ही आश्वासन दे रखा है, जिसमें यूक्रेन को नाटो में न शामिल करना भी शामिल है।

पुतिन ने इस पुरानी मांग से किया समझौता

ऐसा माना जा रहा है कि पुतिन ने जून 2024 में रखी गई क्षेत्रीय मांगों पर समझौता कर लिया है। उस दौरान पुतिन ने यूक्रेन से उन चार प्रांतों को पूरी तरह से रूस को सौंपने को कहा था, जिस पर मॉस्को ने दावा किया था। इनमें पूर्वी यूक्रेन में डोंटेस्क और लुहान्स्क (डोनबास) और दक्षिण में खेरसॉन और जापोरिज्जिया शामिल हैं। तब यूक्रेन ने इन शर्तों को आत्मसमर्पण के समान बताते हुए अस्वीकार कर दिया था।


अब अपने नए प्रस्ताव में पुतिन अपनी इस मांग पर अड़े हैं कि यूक्रेन डोनबास के उन हिस्सों से पूरी तरह हट जाए जिन पर अभी भी उसका नियंत्रण है। उन्होंने आगे कहा कि बदले में, रूस जापोरिज्जिया और खेरसॉन में मौजूदा अग्रिम मोर्चे पर युद्ध को रोक देगा। अमेरिकी अनुमानों और ओपन-सोर्स डेटा के अनुसार, रूस डोनबास के लगभग 88% और ज़ापोरिज्जिया व खेरसॉन के 73% हिस्से पर नियंत्रण रखता है। सूत्रों ने बताया कि मॉस्को एक संभावित समझौते के तहत यूक्रेन के खारकीव, सूमी और निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्रों के अपने नियंत्रण वाले छोटे हिस्से भी सौंपने को तैयार है।

पिछली मांगों पर अड़े पुतिन

पुतिन अपनी पिछली मांगों पर भी अड़े हुए हैं कि यूक्रेन अपनी नाटो महत्वाकांक्षाओं को त्याग दे और अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन से एक कानूनी रूप से बाध्यकारी वचन ले कि वह पूर्व की ओर और विस्तार नहीं करेगा। इसके साथ ही वह चाहते हैं कि एक समझौता ऐसा भी हो कि कोई भी पश्चिमी सैनिक शांति सेना के हिस्से के रूप में यूक्रेन में जमीनी स्तर पर तैनात नहीं किया जाएगा।

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