मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए।
भोपाल में 371.95 करोड़ की लागत से बनेगा EMCS; गीता भवन और वेलनेस सेंटर को मंजूरी, जनजातीय छात्रों को स्कॉलरशिप
मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। भोपाल में 371.95 करोड़ की लागत से इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाने को मंजूरी दी गई। साथ ही गीता भवन, वेलनेस सेंटर और आयुर्वेदिक महाविद्यालयों की स्थापना होगी। मुरैना की बंद शुगर मिल को आधुनिक बनाने का निर्णय भी लिया गया।
मुरैना शुगर मिल होगी आधुनिक
बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। भाजपा के संकल्प पत्र के अनुरूप प्रदेश में पांच आयुर्वेदिक महाविद्यालय और वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना और 20 नवीन पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली। यहां शुगर, थायरॉइड जैसी बीमारियों का बेहतर इलाज हो सकेगा। साथ ही एक डायटीशियन को आउटसोर्स आधार पर नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया।
जनजातीय छात्रों को अब 12 माह छात्रवृत्ति
आदिवासी छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले जनजातीय बालक-बालिकाओं को अब 12 माह की छात्रवृत्ति मिलेगी, जबकि पहले यह केवल 10 माह तक सीमित थी। सिविल सेवा कर्मचारियों के अवकाश नियमों को भारत सरकार के अनुरूप किया जाएगा। सेरोगेसी से बच्चे होने पर मातृत्व अवकाश देने की पात्रता भी स्वीकृत की गई।
प्रत्येक निकाय में बनेंगे गीता भवन
समाज में पठन-पाठन और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने “गीता भवन” योजना को मंजूरी दी है। अगले पांच वर्षों (2025-26 से 2029-30) तक प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन स्थापित किए जाएंगे।
बैठक में मुरैना की बंद शुगर मिल को आधुनिक मिल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। यदि यह संभव नहीं होता तो वहां MSME उद्योगों की स्थापना की जाएगी। साथ ही मजदूरों को बकाया 54.81 करोड़ रुपये की राशि भी दी जाएगी।