स्वर्गवास हो चुके दादा-परदादा के नाम से है जमीन, तो सरपंच से बनवाएं वंशावली
स्वर्गवास हो चुके दादा-परदादा के नाम से है जमीन, तो सरपंच से बनवाएं वंशावली
अरवल जिले में चल रहे राजस्व महा-अभियान के तहत भूमि मालिकों को जमाबंदी पंजी उपलब्ध कराई जा रही है। यदि पंजी में कोई त्रुटि है तो सुधार के लिए आवश्यक दस्तावेज शिविर में जमा किए जा सकते हैं। दादा-परदादा के नाम पर दर्ज भूमि के लिए वंशावली जमा करके नामांतरण कराया
अरवल। जिले में राजस्व महा-अभियान चल रहा है, जिसमें अभी रैयतों को जमाबंदी पंजी (Bihar Jamin Jamabandi) उपलब्ध कराई जा रही है। पंजी में नाम, खाता, खेसरा, रकबा, एराजी लिखा हुआ है।
उसी के बगल में खाली स्थान भी है, अगर किसी रैयत का खाता, खेसरा, नाम, एराजी में गलत अंकित है तो खाली स्थान में सही जानकारी भरकर आगामी शिविर में जमा करना है।
सुधार के लिए लगान रसीद, शुद्धि पत्र, केवाला प्रति और नापी प्रतिवेदन साक्ष्य के रूप में जमा करना होगा। ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरह के रसीद कटाने वाले रैयत प्रपत्र भरकर साक्ष्य के साथ शिविर में जमा कर सकते हैं।
जमाबंदी पंजी बांट रहे राजस्व कर्मचारी अनिल कुमार ने बताया कि जिनकी जमीन अभी भी स्वर्गवास हो चुके दादा -परदादा के नाम से है, वे सरपंच के यहां से वंशावली बना कर देंगे तो उसके आधार पर जीवित रैयतों के नाम पर नामांतरण किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग जमाबंदी के लिए परिवार में बंटवारा करना होगा और बंटवारा का कागजात जमा करने पर ही जमाबंदी अलग-अलग होगा।
सदर प्रखंड के ग्राम कचहरी भादासी में शुक्रवार को लगाए गए शिविर में पहुंचे रैयत राधा मोहन सिंह, विजय प्रसाद यादव, कलक्टर साव, जयराम शर्मा ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी रकबा,नाम, खाता, खेसरा, एराजी, बंटवारा और नामांतरण करने में ही होता था। अंचल कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता था।
राजस्व महा-अभियान में इन सभी चीजों को सुधारा जा रहा है, जिससे रैयतों के अधिकांश मामले गांव में ही सुधर जाएंगे। सुधार होने से जमीन विवाद में कमी आएगी।