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स्वर्गवास हो चुके दादा-परदादा के नाम से है जमीन, तो सरपंच से बनवाएं वंशावली

स्वर्गवास हो चुके दादा-परदादा के नाम से है जमीन, तो सरपंच से बनवाएं वंशावली अरवल जिले में चल रहे राजस्व महा-अभियान के तहत भूमि मालिकों को जमाबंदी पंजी उपलब्ध कराई जा रही है। यदि पंजी में कोई त्रुटि है तो सुधार के लिए आवश्यक दस्तावेज शिविर में जमा किए जा सकते हैं। दादा-परदादा के नाम पर दर्ज भूमि के लिए वंशावली जमा करके नामांतरण कराया अरवल।  जिले में राजस्व महा-अभियान चल रहा है, जिसमें अभी रैयतों को जमाबंदी पंजी (Bihar Jamin Jamabandi) उपलब्ध कराई जा रही है। पंजी में नाम, खाता, खेसरा, रकबा, एराजी लिखा हुआ है। उसी के बगल में खाली स्थान भी है, अगर किसी रैयत का खाता, खेसरा, नाम, एराजी में गलत अंकित है तो खाली स्थान में सही जानकारी भरकर आगामी शिविर में जमा करना है। सुधार के लिए लगान रसीद, शुद्धि पत्र, केवाला प्रति और नापी प्रतिवेदन साक्ष्य के रूप में जमा करना होगा। ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरह के रसीद कटाने वाले रैयत प्रपत्र भरकर साक्ष्य के साथ शिविर में जमा कर सकते हैं। जमाबंदी पंजी बांट रहे राजस्व कर्मचारी अनिल कुमार ने बताया कि जिनकी जमीन अभी भी स्वर्गवास हो चुके दादा -परदादा के नाम स...

इंदौर से उज्जैन मेट्रो चलाने की कवायद शुरू, बनेंगे यह 11 स्टेशन, 10 हजार करोड़ रुपए होंगे खर्च.

इंदौर से उज्जैन के  बीच चलेगी मेट्रो, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की टीम ने डीपीआर का प्रस्तुतीकरण किया। उज्जैन से इंदौर के बीच बनने वाली मेट्रो लाइन में 45 किलोमीटर की दूरी  मैं 11 स्टेशन बनाए जाएंगे। 4.5 किलोमीटर का ट्रैक उज्जैन शहर में अंडरग्राउंड रहेगा। मेट्रो के लिए 10000 करोड रुपए का खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। मेट्रो इंदौर लवकुश चौराहे से शुरू होकर उज्जैन रेलवे स्टेशन तक जाएगी। यहां रहेंगे 11 स्टेशन  डीपीआर में भौंरासला, बारोली, धरमपुरी, तराना, सांवेर, पंथ पिपलई, निनोरा, त्रिवेणी घाट, नानाखेड़ा, उज्जैन आईएसबीटी(ISBT), उज्जैन रेलवे स्टेशन पर मेट्रो स्टेशन(metro station) बनेंगे। उज्जैन में मेट्रो को कहां से अंडरग्राउंड (underground) किया जाना है, इस पर निर्णय होना है।

मध्य प्रदेश में बनेगा नया झाबुआ-रतलाम रोड, निर्माण के बीच दो टोल अभी भी वसूली कर रहे.

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धार:  झाबुआ-रतलाम रोड का चौड़ीकरण काम जारी है। सड़क को अब 7 मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का ठेका लगभग दो महीने पहले कंपनी को सौंपा गया, लेकिन रोड के दो टोल बूथ अब भी चालू हैं। अंतरवेलिया और रतलाम के पहले टोल पर यात्रियों और भारी वाहनों से टैक्स वसूला जा रहा है। निजी वाहन चालकों से टोल नहीं लिया जाता। वाहन मालिक सवाल कर रहे हैं कि जब सड़क अब कंपनी के पास है और एमपीआरडीसी के नियंत्रण में नहीं है, तब भी टोल क्यों लिया जा रहा है। इसे लेकर लोगों का कहना है कि कई बार दूसरे रास्तों पर जाने के लिए भी टोल देना पड़ता है। यह रोड दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से जुड़ने के लिए अहम मार्ग बन गया है, क्योंकि गुजरात के दाहोद से आने वाली एक्सप्रेस वे अधूरी है। सड़क निर्माण के बावजूद मेघनगर, थांदला, बामनिया, करवड़ और रतलाम के रानीसिंग जैसे कस्बों से गुजरने वाली रोड में कई जगह दुर्घटनाएं होती रहती हैं। एमपीआरडीसी ने अप्रैल में पांच बायपास बनाने के लिए 90 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ। इसी तरह, बामनिया में रेलवे फाटक पर रोड ओवरब्रिज का काम भी...

एमपी के उज्जैन शहर को ‘एयरपोर्ट’ की सौगात.

उज्जैन :  एमपी  के उज्जैन में एयर पोर्ट की सुविधा मिलेगी। सांसद अनिल फिरोजिया के प्रयास से एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंच गई है। दावा किया जा रहा है कि सिंहस्थ पूर्व यह सुविधा प्रारंभ हो जाएगी। सांसद अनिल फिरोजिया ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से भेंट की। इस दौरान जानकारी दी गई कि केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय ने उज्जैन एयरपोर्ट को स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्रक्रिया में अब सिर्फ मप्र सरकार के साथ अनुबंध किया जाना शेष है। फिरोजिया ने बताया, केंद्रीय मंत्री नायडू ने यह भी आश्वासन दिया कि सिंहस्थ महापर्व से पूर्व उज्जैन एयरपोर्ट संचालन प्रारम्भ कर दिया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम व सहज आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सांसद अनिल फिरोजिया ने उज्जैन सिंहस्थ 2028 को प्रयागराज महाकुंभ 2025 से भी भव्य स्तर पर आयोजित करने का संकल्प लिया है। इस क्रम में फिरोजिया ने उज्जैन एयरपोर्ट एक अति महत्वपूर्ण सौगात बताया। कई बार रखी थी मांग सांसद फिरोजिया के अनुसार, उन्होंने सम...

48 सालों की प्रतीक्षा खत्म; चंदेरी-पिपरई-ललितपुर रेलवे लाइन के फाइनल लोकेशन में लगे सेंट्रल लाइन पिलर्स.

 48 सालों की प्रतीक्षा के बाद चंदेरी रेल लाइन का सपना अब साकार होने की दिशा में है। चंदेरी के रास्ते पिपरई गांव और ललितपुर को जोड़ने वाली लगभग 80 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे का कार्य तेजी से प्रगति पर है। रेल मंत्रालय द्वारा 27 नवंबर 2024 को जारी आदेश के अनुसार इस रेल लाइन के फाइनल सर्वे की जिम्मेदारी पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर के महाप्रबंधक को दी गई थी। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब नियमावली के अनुसार सेंट्रल लाइन पिलर्स की स्थापना ललितपुर से पिपरई के बीच की जा रही है। ग्रामीण इलाकों जैसे निदानपुर, चकराघाट, तगारी, बाँकलपुर, देवलखो, चुरारी आदि स्थानों पर पिलर्स लगाए जा चुके हैं और पूरी लाइन पर यह कार्य जारी है। इसके पश्चात डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। केंद्रीय कैबिनेट से निर्माण राशि की स्वीकृति मिलते ही इस रेल लाइन का वास्तविक निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। दो सांसदों के सतत प्रयास रंग लाए इस ऐतिहासिक परियोजना के पीछे गुना-शिवपुरी-अशोकनगर सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और झांसी-ललितपुर सांसद अनुरा...

MP में यहां FDR तकनीक से नई 4-लेन सड़क का होगा निर्माण, सोने की तरह कीमती हों जाएंगी इन गाँवो की जमीन.

मध्य प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा सड़क व्यवस्था सुधारने पर कार्य किया जा रहा है। अब राज्य में फूल डैपथ रिक्लेमेशन यानी कि एफडीआई तकनीक से शहर की पहली सड़क 11 मिल से बंगरसिया तक बनाई जाएगी। पीडब्ल्यूडी के द्वारा इसके लिए 50 करोड रुपए का बजट मंजूर कर लिया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश पर सड़क बनाने के लिए 1100 पेड़ों की बलि नहीं दी जाएगी। सामने जानकारी के अनुसार फुल डेप्ट रिक्लेमेशन तकनीक से बनाई जाने वाली सड़क काफी ज्यादा टिकाऊ और किफायती होती है। 50 करोड़ की लागत से बनेगी सड़क  आपको बता दे कि प्रोजेक्ट को पूरा करने में 50 करोड़ का खर्च आएगा और इसके पूरा होने के बाद शहर की 11 मिल से बंगरसिया तक का सफर आसान हो जाएगा।सबसे बड़ी बात है कि इन इलाकों की जमीन के रेट में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हो जाएगी। सड़क बनने से जमीन की रेट सोने की तरह कीमती हो जाएगी। फोरलेन की जद में करीब 100 पेड़ और आ रहे हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की रोक के बाद इन्हें बचाया जाएगा। भोपाल के पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर संजय मस्के ने बताया कि पेड़ों को बचाते हुए सड़क बनाएंगे। बारिश के बाद स...

मप्र के इन 30 रुटों पर चलेंगी ई-बसें, बनाए जाएंगे चार्जिंग स्टेशन, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया ऐलान.

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के द्वारा जल्द ही सीएनजी लो फ्लोर बसों को बेड़े से बाहर किया जाएगा और उम्मीद है कि जल्द ही इलेक्ट्रिक बेसन का संचालन शुरू हो जाएगा। सामने यह जानकारी के अनुसार भोपाल शहर के आसपास मौजूद मुख्य पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए टूरिस्ट सर्किट प्लान तैयार किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होने से प्रदूषण नहीं होगा इसके साथ ही साथ किराया भी कम होगा। शहर के मुख्य बस स्टैंड आईएसबीटी से टूरिस्ट इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। ये बसें केरवा, कलियासोत डैम, कोलार डैम, सलकनपुर, रातापानी, भोजपुर, भीमबेटका, उदयगिरि की गुफा, हताईखेड़ा डैम जैसे प्रमुख स्थलों को कवर करेंगी।  एक तरफ इन बसों के संचालन से यातायात सुविधाजनक होगा वहीं दूसरी तरफ बसों के चलने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जल्दी इसका संचालन शुरू होने की उम्मीद है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड का दावा है कि इससे शहर के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। नगरीय निकाय प्रशासन विभाग के जरिए यह प्रस्ताव कैबिनेट अप्रूवल के लिए भेज दिया गया है। देश के पहले कैपिटल टाइगर रिजर्व को आम जनता से जोड़ने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ...